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मोक्षदायिनी शिप्रा और रामघाट बदहाल….
उज्जैन। मोक्षदायिनी शिप्रा को कचरे और गंदगी से मोक्ष नहीं मिल पा रहा है। पहले गणेशोत्सव और फिर नवरात्रि समाप्त होने के बाद पूजन-सामग्री और मूर्तियां नदी में विसर्जित की गई।
अब इनके अवशेष के साथ-साथ श्रद्धालुओं द्वारा त्यागे गए कपड़े और अन्य सामग्री से रामघाट पटा हुआ है। जिम्मेदारों का इस पर ध्यान ही नहीं है और नदी से लेकर घाट तक कचरा और गंदगी फैली हुई है।
वस्त्र बदलने के शेड भी क्षतिग्रस्त होने से महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर नदी को अव्यवस्थाओं से मोक्ष दिलाने की दरकार है, लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है।